Uncategorizedअन्य खबरेताज़ा ख़बरें

वाराणासी उत्तर प्रदेश। दहेज प्रताड़ना मे पति व देवर दोषमुक्त वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव ने रखा पक्ष।

*दहेज़ प्रताड़ना में पति व देवर दोषमुक्त*

 

 

रिपोर्ट राजेश कुमार यादव

वाराणसी। दहेज़ के लिए विवाहिता को मारने-पीटने व प्रताड़ित करने के मामले में आरोपित पति व देवर कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई। अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन, तृतीय) अजय प्रताप की अदालत ने जंगमबाडी, दशाश्वमेध निवासी पति सूरज प्रसाद यादव व देवर संतोष कुमार यादव को आरोप सिद्ध न होने पर संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, बृजपाल सिंह यादव गुड्डू, नरेश यादव व संदीप यादव ने पक्ष रखा।

 

प्रकरण के अनुसार वादी सीताराम यादव ने 13 मई 1999 को दशाश्वमेध थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि उसकी लड़की सोनी की शादी 16 फरवरी 1996 को सूरज प्रसाद यादव के साथ हुई थी। शादी के बाद जब उसकी पुत्री विदा होकर ससुराल पहुंची, तब पति सूरज, देवर संतोष व ससुर मोती लाल यादव दहेज में रंगीन टीवी व स्कूटर की मांग को लेकर आए दिन मारने-पीटने व प्रताड़ित करने लगे। इस बीच वर्ष 1998 में उसकी लड़की को एक पुत्री पैदा हुई तो वह लोग बेटी संग उसकी पुत्री को मारपीट कर घर से निकाल दिया। किसी तरह समझा बुझाकर पुनः उसने अपनी पुत्री को उसके ससुराल पहुंचाया। लेकिन कुछ दिनों बाद ही उसकी पुत्री मायके आई और बताया कि दहेज की मांग को लेकर सास ससुर और देवर से काफी मारे पीते और जलाने जा रहे थे, लेकिन किसी तरफ वह भागकर घर आई है। काफी अन्य विनय के बाद भी ससुराल वाले दहेज की मांग को लेकर अड़े रहे। इस मामले में विचरण के दौरान पत्रावली व साक्ष्यों के अवलोकन के बाद पति व देवर को दोषमुक्त कर दिया। इसी दौरान ससुर मोती लाल यादव की मृत्यु हो जाने के कारण सुनवाई समाप्त कर दी।

Show More
Check Also
Close
Back to top button
error: Content is protected !!